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Sunday, 14 October 2018

डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi

डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi


डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi banking fanda
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi banking fanda


Br Ambedkar / डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार और आज़ाद भारत के पहले न्याय मंत्री थे। सामाजिक भेदभाव के विरोध में कार्य करने वाले सबसे प्रभावशाली लोगो में से एक Dr. Br Ambedkar थे। विशेषतः बाबासाहेब आंबेडकर – भारतीय न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनेता और समाज सुधारक के नाम से जाने जाते है।



महिला, मजदूर और दलितों पर हो रहे सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज़ उठाने और लढकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को सदा आदर से स्मरण किया जाते है।


भीमराव रामजी आंबेडकर जो विश्व विख्यात है। जिन्होंने अपना पूरा जीवन बहुजनो को उनका अधिकार दिलाने में व्यतीत किया। उनके जीवन को देखते हुए निच्छित ही यह लाइन उनपर सम्पूर्ण रूप से सही साबित होगी –





पूरा नाम  – भीमराव रामजी अम्बेडकर
जन्म       – 14 अप्रेल 1891
जन्मस्थान – महू. (जि. इदूर मध्यप्रदेश)
पिता       – रामजी
माता       – भीमाबाई
शिक्षा      – 1915  में एम. ए. (अर्थशास्त्र)। 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय में से PHD। 1921 में मास्टर ऑफ सायन्स। 1923  में डॉक्टर ऑफ सायन्स।
विवाह     – दो बार, पहला रमाबाई के साथ (1908 में) दूसरा डॉ. सविता कबीर के साथ (1948 में)
Br Ambedkar Death – मृत्यु: 6 दिसंबर 1956 को लगभग 63 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया।




Br Ambedkar Book’s – किताबे:

 1. हु वेअर शुद्राज?,
  2.  दि अनरचेबल्स,

 3. बुध्द अॅड हिज धम्म,
 4. दि प्रब्लेंम ऑफ रूपी,
 5. थॉटस ऑन पाकिस्तान आदी.




डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi banking fanda
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Br Ambedkar Awards – पुरस्कार: 1990  में ‘बाबा साहेब’ को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।





बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में ऐसे तथ्य, जिन्हें शायद ही आप जानते हो – Unknown interesting facts about Bbasaheb Ambedkar

 

  •  बाबासाहेब आंबेडकर अपने माता-पिता की 14 वी संतान थे।
  •  अपने भाइयों-बहनों मे अंबेडकर ही स्कूल की परीक्षा में सफल हुए।
  •  डॉ. आंबेडकर के पूर्वज ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत थे।
  •  डॉ. आंबेडकर का वास्तविक नाम अम्बावाडेकर था। लेकिन उनके शिक्षक महादेव आंबेडकर को उनसे काफी लगाव था, इसीलिए उन्हें बाबासाहेब का उपनाम ‘अम्बावाडेकर’ से बदलकर ‘आंबेडकर’ रखा।
  •  मुंबई के सरकारी लॉ कॉलेज में वे 2 साल तक प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत भी रह चुके है।
  •  डॉ. आंबेडकर भारतीय संविधान की धारा 370 के खिलाफ थे, जिसके तहत भारत के जम्मू एवं कश्मीर राज्य को विशेष राज्य की पदवी दी गयी थी।
  • विदेश में जाकर अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाले आंबेडकर पहले भारतीय थे।
  • 14 अक्टूबर 1956 को विजयादशमी के दिन डॉ. आंबेडकर ने नागपुर, महाराष्ट्र में अपने 5 लाख से भी ज्यादा साथियों के साथ बौद्धधर्म की दीक्षा ली।
  •  डॉ. आंबेडकर ने एक बौद्ध भिक्षु से पारंपरिक तरीके से तीन रत्न ग्रहण और पंचशील को अपनाते हुये बौद्ध धर्म ग्रहण किया। बौद्ध-संसार के इतिहास में इसे सुवर्णाक्षरों में लिखा गया।
  •  डॉ. आंबेडकर को डायबिटीज की बीमारी से लम्बे समय तक जूझना पड़ा था।

 
   
   
शिक्षा  बालक भीमराव का प्राथमिक शिक्षण दापोली और सतारा में हुआ। बंबई के एलफिन्स्टोन स्कूल से वह 1907 में मैट्रिक की परीक्षा पास की। इस अवसर पर एक अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया और उसमें भेंट स्वरुप उनके शिक्षक श्री कृष्णाजी अर्जुन केलुस्कर ने स्वलिखित पुस्तक 'बुद्ध चरित्र' उन्हें प्रदान की। बड़ौदा नरेश सयाजी राव गायकवाड की फेलोशिप पाकर भीमराव ने 1912 में मुबई विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा पास की। संस्कृत पढने पर मनाही होने से वह फारसी लेकर उत्तीर्ण हुये। 


डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi banking fanda
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अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय बी.ए. के बाद एम.ए. के अध्ययन हेतु बड़ौदा नरेश सयाजी गायकवाड़ की पुनः फेलोशिप पाकर वह अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में दाखिल हुये। सन 1915 में उन्होंने स्नातकोत्तर उपाधि की परीक्षा पास की। इस हेतु उन्होंने अपना शोध 'प्राचीन भारत का वाणिज्य' लिखा था। उसके बाद 1916 में कोलंबिया विश्वविद्यालय अमेरिका से ही उन्होंने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की, उनके पीएच.डी. शोध का विषय था 'ब्रिटिश भारत में प्रातीय वित्त का विकेन्द्रीकरण'।





 लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स एण्ड पोलिटिकल सांइस  फेलोशिप समाप्त होने पर उन्हें भारत लौटना था अतः वे ब्रिटेन होते हुये लौट रहे थे। उन्होंने वहां लंदन स्कूल ऑफ इकोनामिक्स एण्ड पोलिटिकल सांइस में एम.एससी. और डी. एस सी. और विधि संस्थान में बार-एट-लॉ की उपाधि हेतु स्वयं को पंजीकृत किया और भारत लौटे। सब से पहले छात्रवृत्ति की शर्त के अनुसार बडौदा नरेश के दरबार में सैनिक अधिकारी तथा वित्तीय सलाहकार का दायित्व स्वीकार किया। पूरे शहर में उनको किराये पर रखने को कोई तैयार नही होने की गंभीर समस्या से वह कुछ समय के बाद ही मुंबई वापस आये।




 अशिक्षित और निर्धन लोगों को जागरुक बनाने के लिया काम  उन्‍होंने मूक और अशिक्षित और निर्धन लोगों को जागरुक बनाने के लिये मूकनायक और बहिष्कृत भारत साप्ताहिक पत्रिकायें संपादित कीं और अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने के लिये वह लंदन और जर्मनी जाकर वहां से एम. एस सी., डी. एस सी., और बैरिस्टर की उपाधियाँ प्राप्त की। उनके एम. एस सी. का शोध विषय साम्राज्यीय वित्त के प्राप्तीय विकेन्द्रीकरण का विश्लेषणात्मक अध्ययन और उनके डी.एससी उपाधि का विषय रूपये की समस्या उसका उद्भव और उपाय और भारतीय चलन और बैकिंग का इतिहास था।




डॉ. भीमराव अम्बेडकर जीवनी – Dr. Br Ambedkar Biography in Hindi banking fanda
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 डी. लिट्. की मानद उपाधियों से सम्मानित  बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर को कोलंबिया विश्वविद्यालय ने एल.एलडी और उस्मानिया विश्वविद्यालय ने डी. लिट्. की मानद उपाधियों से सम्मानित किया था। इस प्रकार डॉ. अम्बेडकर वैश्विक युवाओं के लिये प्रेरणा बन गये क्योंकि उनके नाम के साथ बीए, एमए, एमएससी, पीएचडी, बैरिस्टर, डीएससी, डी.लिट्. आदि कुल 26 उपाधियां जुडी है।






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Saturday, 13 October 2018

Sachin Tendulkar Biography Hindi


Sachin Tendulkar Biography Hindi


Sachin Tendulkar Biography Hindi

Sachin Tendulkar Biography Hindi banking fanda
Sachin Tendulkar Biography Hindi



 Sachin Tendulkar Biography Hindi

क्रिकेट के भगवान नाम से प्रसिद्ध और भारत रत्न सचिन रमेश तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को राजापुर के एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ. इनके पिता का नाम रमेश तेंदुलकर था सचिन की माता "रजनी तेंदुलकर" एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करती थी। सचिन के दो भाई है जिनका नाम नितिन और अजीत है। और  उनकी एक बहन भी है, जिसका नाम सविता है।  उन्होंने सचिन का नाम अपने प्रिय संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था.

"Sachin Tendulkar" ने क्रिकेट में महान बनने का सफर 15 साल की उम्र से शुरू किया था और आज वह दुनिया के एक महान क्रिकेटर शख्सियत के रूप में जाने जाते हैं। इस महान बल्लेबाज की जीवन पर आधारित एक फिल्म सचिन अ बिलियन ड्रीम्स बनाई गई है, जिसमें आप Sachin Tendulkar जीवन को करीब से देख सकते हैं।
Sachin Tendulkar Biography Hindi

पूरा नाम      – सचिन रमेश तेंदुलकर
जन्म           – 24  एप्रिल, 1973
जन्मस्थान   – मुंबई
पिता           – रमेश तेंदुलकर
माता           – रजनी तेंदुलकर
पत्नी          – अंजली (Sachin Tendulkar wife Anjali)

 

 बचपन (sachin Tendulkar Childhood)
 
Sachin Tendulkar बचपन से एक शैतान टाइप के बच्चे थे। जो आए दिन अपने साथी और सहपाठियों से लड़ाई झगड़े किया करते थे। इतनी शैतानियों को देखकर कभी-कभी उनके पिता रमेश तेंदुलकर दुखी भी हो जाया करते थे।

Sachin Tendulkar Biography Hindi

 शिक्षा और इंटरेस्ट (Sachin Tendulkar Education & Interest)

 
सचिन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा "शारदा आश्रम विद्या मंदिर" से ग्रहण की। Sachin Tendulkar पढ़ने में ज्यादा अच्छे नहीं थे। उनका मन टेनिस और क्रिकेट खेलने में ज्यादा लगता था। वह बचपन से ही क्रिकेट खेलने के दीवाने थे। सचिन के आए दिन लड़ाई-झगड़े को दिखते हुए उनके बड़े भाई ने उन्हें आचरेकर क्रिकेट अकैडमी मैं क्रिकेट सीखने के लिए प्रेरित  किया। दरअसल उनके भाई चाहते थे कि सचिन लड़ाई झगड़ों से अपना ध्यान हटाकर कहीं और लगाएं।


Sachin Tendulkar Biography Hindi banking fanda
Sachin Tendulkar Biography Hindi


 अंतर्राष्ट्रीय सफर ( sachin Tendulkar International Career)
 
घरेलू क्रिकेट में धूम मचाने के बाद Sachin Tendulkar अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए चयनित किए गए। आप यह बात जानकर हैरान रह जायेंगे कि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 15 साल की उम्र मैं खेलने लग गए थे। तेंदुलकर ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। इस सीरीज के बाद वह न्यूजीलैंड और इंग्लैंड सीरीज में भी खेले और इंग्लैंड के खिलाफ सचिन ने एक जबरदस्त शतक जड़ दिया।

 महज 19 से 20 साल तक की उम्र होने तक। उन्होंने टीम में अपनी जगह बना ली। इसके बाद आया 1996 का विश्व कप इस विश्व कप के दौरान सचिन इस टूर्नामेंट के highest run scorer  बने। वर्ल्ड कप के बाद उसी साल में एक मैच में नवजोत सिंह सिद्धू और सचिन ने शतक लगाया। इन दोनों के शतक के कारण वह पहला ऐसा मैच बना जिसमे इंडिया ने 300 से ज्यादा रन बनाए।

 यही वह समय था जब सचिन तेंदुलकर को भारत की नई रन मशीन कहा जाने लगा था और वह महान क्रिकेटर बनने की सीढ़ी चढ़ रहे थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन लगातार शतक भी लगाए। अब एक ऐसा मैच आया जिसमें दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन का सामना सबसे महान स्पिनर शेन वॉर्न से होने वाला था। तेंदुलकर ने इस सीरीज में धूम मचा दी। सचिन ने एक मैच में 204 रन बनाए इसमें से 111 रन शेन वॉर्न की बॉल पर थे।

Sachin Tendulkar Biography Hindi
 सचिन तेंदुलकर पुरस्कार ( Sachin Tendulkar Award)

    भारत रत्‍न - (2013)
    पद्म विभूषण - (2008)
    विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर - (1997)
    राजीव गांधी खेल रत्न - (1998)
    पद्म श्री - (1999)
    सर गारफील्ड सोबर्स ट्राफी - (2010)
    आईसीसी वर्ल्ड वन डे इलेवन - (2010, 2007, 2004)
    विज़डन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर - (2010)
    महाराष्ट्र भूषण पुरुस्कार - (2001)
    LG People's Choice Award - (2010)
    आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट इन स्पोर्ट - (2010)
    अर्जुन पुरस्कार - क्रिकेट - (1994)
    कैस्ट्रॉल इंडियन क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर - (2011)
    वर्ल्ड टैस्ट XI - (2011, 2010, 2009)
    विस्डन इंडिया आउटस्टैंडिंग अचीवमैंट अवॉर्ड - (2012)
    People's Choice Award - (2010)
    बीसीसीआई क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर - (2011)

Sachin Tendulkar Biography Hindi


 दोस्तों! यह थी "Sachin Tendulkar Biography Hindi". इस लेख में सचिन तेंदुलकर से संबंधित जानकारी Wikipedia के माध्यम से जुटाई गई है। जिसे हमने आप तक सीधे शब्दों में पहुंचाने का प्रयत्न किया है। आपको यह सचिन तेंदुलकर के जीवन से संबंधित लेख कैसा लगा अपने सुझाव हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं। अगर आपको सचिन तेंदुलकर की जीवनी पसंद आई हो तो अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें। आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो हमारे Contect Us पेज और Facebook पेज पर हम से संपर्क कर सकते हैं. धन्यवाद




 Sachin Tendulkar Biography Hindi


महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को हमारा सलाम जिन्होंने भारत के करोड़ो लोगो को कई बार खुशियों के पल दिए और भारत का नाम विश्वभर में रोशन किया.


 

Wednesday, 10 October 2018

अटल बिहारी वाजपेयी जीवन परिचय _Atal Bihari Vajpayee Biography

दोस्तों इस पोस्ट मैं हमने भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन से जुडी हुई महत्वपूर्ण घटनाओं का ज़िक्र किया है। कृपया आइये हम इसे पढ़ते हैं।

 Atal Bihari Vajpayee Biography

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Atal Bihari Vajpayee Biography





Atal Bihari Vajpayee Biography

टल बिहारी वाजपेयी भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। पहले वे 16 मई से 1 जून 1996 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।

  • श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था।
  • उनकी माता का नाम कृष्णा वाजपेयी और पिता का नाम पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी था।
  • अपने छात्र जीवन से ही वाजपेयी जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने।
  • उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एम०ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की थी।
  • अटल बिहारी वाजपेयी एक हिन्दी कवि, पत्रकार तथा एक प्रखर वक्ता थे। 
Atal Bihari Vajpayee Biography

  • वे भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक थे।
  • सन् 1968 से 1973 तक वाजपेयी जी भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बने।
  • उन्होंने पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन का कार्य भी कुशलतापूर्वक किया था।
  • 1957 में बलरामपुर (जो की जिला गोण्डा, उत्तर प्रदेश में है) से वे भारतीय जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में विजयी हुए तथा लोकसभा में पहली बार पहुँचे।
  • सन् 1977 से 1979 तक मोरारजी देसाई की सरकार में वाजपेयी जी विदेश मन्त्री भी रहे।
  • 1980 में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद का दायित्व वाजपेयी जी को सौंपा गया था।

  • 11 और 13 मई 1998 में पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया था।
  • पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करने के बाद पश्चिमी देशों द्वारा भारत पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए लेकिन इन सबके बावजूद वाजपेयी सरकार के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास की नई ऊचाईयों को छुआ।
  • अटल बिहारी वाजपेयी ने 19 फ़रवरी 1999 को ‘सदा-ए-सरहद’ नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की थी।
  • वाजपेयी सरकार के दौरान 1999 के कारगिल युद्ध में सेना ने कारगिल क्षेत्र में बहुत ठोस कार्यवाही करके भारतीय क्षेत्र को पाकिस्तान से मुक्त कराया था।
  • स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना 2001 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गयी थी। इसके अंतर्गत दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नई व मुम्बई को राजमार्ग से जोड़ा गया।
  • वाजपेयी सरकार द्वारा विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिये बीमा योजना शुरू की गयी थी।
Atal Bihari Vajpayee Biography

  • राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ अटल जी एक प्रसिद्ध कवि भी थे। ‘मेरी इक्यावन कविताएँ’ अटल जी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है।
  • अटल जी की कुछ अन्य प्रमुख रचनाएं इस प्रकार है:- मृत्यु या हत्या, अमर आग है, सेक्युलर वाद, कैदी कविराय की कुण्डलियाँ, बिन्दु बिन्दु विचार।
  • भारत के सर्वतोमुखी विकास, उनके योगदान और कार्यों के लिये दिसंबर 2014 में उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
  • अटल बिहारी वाजपेयी जी ने 16 अगस्त 2018 को शाम 05:05 मिनट पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में अंतिम सांस ली।
  • अटल बिहारी वाजपेयी जी का समाधि स्थल राजघाट के पास शान्ति वन में बने स्मृति स्थल में बनाया गया है।
Atal Bihari Vajpayee Biography

दोस्तों अब बात करते हैं अटल जी को मिले पुरस्कारों की।
1992 में अटल जी को पद्म विभूषण पुरस्कार दिया गया था। 1993 में अटल जी को डी लिट पुरस्कार (कानपुर विश्वविद्यालय) दिया गया था। 1994 में अटल जी को लोकमान्य तिलक पुरस्कार तथा श्रेष्ठ सासंद पुरस्कार दिया गया था। 1994 में अटल जी को पंडित गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार दिया गया था।

Atal Bihari Vajpayee Biography
Atal Bihari Vajpayee Biography 
 
दोस्तों अटल जी का कहना था की – “भारत को लेकर मेरी एक दृष्टि है- ऐसा भारत जो भूख, भय, निरक्षरता और अभाव से मुक्त हो।”

Atal Bihari Vajpayee Biography
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